...........................

तुमने झूठ बोला था...

सुनो जानां...
ये सच है ना
कि तुमने झूठ बोला था....

तुमने झूठ बोला था....
तुम्हे मुझसे मोहब्बत है
तुम्हे मेरी जरुरत है
तुम्हारे दिल के कोने में
कहीं मेरी भी हसरत है ....

ये सच है ना..
कि वो प्यार की बातें...
हसीं संसार की बातें
ज़माने से बगावत की
गुलो की, खार की बातें
तुम्हारा बचपना था....

सुनो जानां...
तुम्हारा दिल मेरे ज़ज्बात
की खातिर धड़कता था
तुम्हारे लब की वो मुस्कान
मेरे ही लिए थी...
सुनो जानां, ये सच है ना...
कि तुमने झूठ बोला था...

- अमित  तिवारी
समाचार संपादक

अचीवर्स एक्सप्रेस

हुस्न की तीली से सिर्फ बीड़ी और चिल्लम ही जल सकती हैं...



आग बहुत है देश में...
कहीं 'जिगर की आग' से 'बीड़ी' और 'अंगीठी' जल रही है...
तो कहीं 'जवानी की आग' में कोई ख़ाक हो रहा है..
धुंआ-धुंआ हो रहा है समां..
अब तो 'चिकनी चमेली' के 'हुस्न की तीली' भी
सबको जलाने के लिए बेचैन हो रही है...
तीली के ट्रेलर से इतनी आग निकल रही है...
भला पूरी फिलम की आग से कौन बच पायेगा..?
लग रहा है सब जल जायेगा..
सोच रहा था कि कह ही दूं कि सब जल जायेगा
इस बार इस तीली से..
लेकिन
नहीं... ऐसा नहीं हो सकता..
इनकी आग में चाहे जितनी गर्मी हो...
लेकिन देश के खून में इस से कई गुना ज्यादा सर्द भरी है..
बात चाहे 'चिकनी चमेली' के 'हुस्न की तीली' की हो...
या किसी के 'जिगर के आग' की..
इन सबसे सिर्फ 'बीड़ी' और 'चिल्लम' ही जल सकती है...
और फिर इस 'हुस्न की तीली' से बुझ जाती है
लोगों के भीतर के गुस्से की आग...
इनकी आग इस 'दौर-ए-सियासत' का अँधेरा नहीं मिट सकता..

-अमित तिवारी
समाचार संपादक
अचीवर्स एक्सप्रेस
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...