सच ही तो कहा उसने
'तुम प्यार करना नहीं जानते'
भला ऐसे भी कोई प्यार करता है क्या?
कि नाराज़ होने का अधिकार भी न रखे...!
कहीं ऐसे भी प्यार होता है क्या..
कि कोई लाख छुडाये
और तुम हाथ थामे खड़े रहो...
ऐसे प्यार थोड़े होता है
कि उसने सोचा भी नहीं
और तुम दौड़े चले आये..
और ये जो तुम इस नाम की माला जपते हो ना...
कोफ़्त होती है इस से...
और हाँ, जिसे ज़िन्दगी में आना ही नहीं...
उसे ज़िन्दगी बनाये रहना !!
अरे पागल ! ये प्यार नहीं..
पागलपन है....!
और फिर उसकी वही निर्दोष सी खिलखिलाती हंसी...
(जिस पर हमेशा मुझे प्यार आता है...)
और मैं बेबस ये भी न कह सका
कि
सच ही तो कहा उसने..
'मैं प्यार करना नहीं जानता'
-अमित तिवारी
समाचार संपादक
अचीवर्स एक्सप्रेस
sach hi to h..
ReplyDeleteकहीं ऐसे भी प्यार होता है क्या..
कि कोई लाख छुडाये
और तुम हाथ थामे खड़े रहो...
arre waah D.J......sach me kya likhte ho tum........wadia ji wadia :)
ReplyDeletesachcha pyaar aise hi hota hai.ye tumse behtar aur kon jaan sakta hai.....apne unhi vicharon ko boht achche se shabdon me piroya hai tumne..........
really awesome.......jitna kaha jaaye utna kam hi hoga.........
और फिर उसकी वही निर्दोष सी खिलखिलाती हंसी...
(जिस पर हमेशा मुझे प्यार आता है...)
और मैं बेबस ये भी न कह सका
कि
सच ही तो कहा उसने..
'मैं प्यार करना नहीं जानता'